रविवार, 19 दिसंबर 2010

एक ख़त आया था किसी के नाम , उसमे लिखा था एक पैगाम
पढकर ख़ुशी हुई वो अच्छे है , चलो इतना तो है की वो यादों के सच्चे है
वरना आजकल किसी को किसी की याद कहाँ आती है ,
जिंदगी की सरपट दौड़ में मानसी कुचल जाती है
आगे देखें तो भागती जिंदगी , पीछे यादों की धूल नजर आती है
कुछ धुंधला धुंधला सा नजर आता है कोई
दूर छ्क्तिज पे कोई सूरत दिख  जाती  है
हे नियंता ये तेरा क्या है खेल ,मिलने वाले मिलते नहीं
मिल जाते बेमेल .....
अब भी बुलबुल गाती है , अब भी मीना हंसती है
नज़रों को जरा सहेजे अब भी  वो रुत आती है
मत रुत को बदनाम करो वो तो आती जाती है
आती है खुशी लाती है जाती  गम दे जाती है
ये गम और ख़ुशी एक दूजे के पूरक है
एक दूजे से हाथ मिलाये एक दूजे के पीछे है
मै कैसे कहूं किसी को कुछ , जब नियति ही है मतवाली
शत्रु की दुआ जहरीली ,मित्रो की रसीली गाली 

गुरुवार, 9 दिसंबर 2010

पछुआ पवन

हे पछुआ पवन तुम्हे  सुरति पूरब की आई
यादों को तजा करने की देता तुम्हे बधाई
थी लगती कभी मुझे थी पूरब की हवाए प्यारी
पर इस पश्चिम की धुन ने सूखी कर दी फुलवारी
आ लौट चले फिर पूरब ,पश्चिम की चौंध  छुड़ा ली
ऋषि मुनियों की धरती की सींचे फिर फुलवारी

शब्द

क्या कहूँ जब समर्पित भाव है
लिखूं कुछ अच्छा सा , नहीं अभाव है
शब्दों का , चयन करूं किसके लिए
भावों का , यही अभाव है                                                                                
भाव जब अभिबयक्ति लोक में जाता
लेकर आता कुछ नया चाव है
अभिब्यक्ति जब ब्यक्तित्व से मिलती
ब्यक्ति के ब्यक्तित्व में आ जाता नया ताव है
कौन जाने कौन से ब्यक्तित्व में क्या छिपा
किसका कौन माझी कौन नाव है
शब्द से चालित इस दुनियां में
 शब्द ही मरहम , शब्द ही घाव है

बुधवार, 8 दिसंबर 2010

वो दिन न रहा ये भी न रहेगा

वो दिन न रहा ये भी न रहेगा
कल बीत गया आज भी गुजर जायेगा
न गाने कितने जन्म बीत गए हमारे                              
युगों की बात अब कौन दोहराएगा
विश्वाश करो नियंता पर सबकुछ है नियंत्रित
दुःख का हर आलम सुख में बदल जायेगा 
सुख दुःख रात दिन गर्मी सर्दी
कभी प्रकृत का दुलराना कभी बेदर्दी
ये सब है उस नियंता के खेल
ये भाई इसी को जिंदगी समझ
चाहे आह भरकर या प्रेम से :झेल .झेल .झेल

radhey

सबके ह्रदय में बसने वाली राधा रानी की जय :All the respects and love such as mom, dad , brother , sis ,lover , friends
 are created by Radha rani she live in Krishna,s heart . KRISHNA live in all the hearts of world , radha rani live in krishna,s heart , Krishna is love , Radha rani is creater of love.If we respct radha rani KRISHNA become happy so say with great joy and love::JAI JAI SHREE RADHEYYYYYYYYYY....SHYAAAAAAAAAAAAAAM,,,