रात बेला खिला पवन ले के चला
शब्द खुशबू से रसभीन होते गए
क्या पता चाँद को रात ने ले लिया
रति के बादल ने आके या ढक लिया
कौन जाने किसे किस की दरकार थी
रात ने चाँद को ,पाश में ले लिया ....
शब्द खुशबू से रसभीन होते गए
क्या पता चाँद को रात ने ले लिया
रति के बादल ने आके या ढक लिया
कौन जाने किसे किस की दरकार थी
रात ने चाँद को ,पाश में ले लिया ....