मंगलवार, 4 दिसंबर 2012

सुनकर तुलसी की कथा बन गए तुलसी दास
ब्रिंदाजी के प्रेम में विष्णू भये उदास
सकल सृष्टि को छोड़कर भये प्रेम में लीन
सगरी  माया की गति लई प्रेम ने छीन
परम मनोहर रूप तजि बनि गए सालिग्राम
बिनु तुलसी (ब्रिंदा  ) के कछु नहीं लागे प्रिय घनश्याम
परम तपस्वनी त्यागिनी रत्नावली ललाम
मोह पास से अलग  करि   दे दिया संग घनशयाम 

गुरुवार, 22 नवंबर 2012

रात  बेला खिला  पवन ले के चला
शब्द खुशबू से रसभीन होते गए
क्या पता चाँद को रात  ने ले लिया
रति के बादल ने आके या  ढक  लिया
कौन जाने किसे किस की दरकार  थी
 रात  ने चाँद को ,पाश में   ले लिया ....

सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

तेरे बस ..तेरे लिये

कान्हा तेरी मोहब्बत में बिना मोल बिक गए
अपना बना के मुझको तुम कहाँ छुप गए
अब लुट गया हूँ मै मोहब्बत के नाम पे
कोइ नहीं है लूटे हुए मॉल को , सहेजने के लिए
एक बार दिखा जाओ झलक अपनी हे कान्हा
दर दर भटक रहा ये दीवाना तेरे बस ..तेरे लिये  

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2012

मोहब्बत का असर

नींद को जीत लिया मोहब्ब्ब्बत का असर है
दर्द को पी लिया मोहब्बत का असर है
जगा दिया सोते हुए दिलों को आज
भर दिया वफ़ा दिलों में , मोहब्बत  का असर है 
याद आ गया हर एक को कोइ फिर आज
जागे फिर से ;;;प्यार ;;;के अरमा , मोहब्बत का असर है