रविवार, 9 जनवरी 2011

बधाई  हो पलाश ,
राज मुकुट बन गए देश के
हो  गए सबसे खास
  तुम अति सुंदर , तुम अति कोमल
शुगना की चोंच से लाल
हैं पांख तुम्हारी रूपवती के होंठ
ज्यों डोरे पड़े रूपसी  आँख
शुग रीझ रीझ , चलि जात
निज टोंट लाल लखि , रूप समाने
सहज लरत निज  जाति
प्यारे प्यारे सुकोमल सुन्दर गात
मन अरझी रह्यो सुन्दरता में
ताते पायो ::राज मुकुट बिलाश ""

          

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें