बधाई हो पलाश ,
राज मुकुट बन गए देश के
हो गए सबसे खास
तुम अति सुंदर , तुम अति कोमल
शुगना की चोंच से लाल
हैं पांख तुम्हारी रूपवती के होंठ
ज्यों डोरे पड़े रूपसी आँख
शुग रीझ रीझ , चलि जात
निज टोंट लाल लखि , रूप समाने
सहज लरत निज जाति
प्यारे प्यारे सुकोमल सुन्दर गात
मन अरझी रह्यो सुन्दरता में
ताते पायो ::राज मुकुट बिलाश ""
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